Ugc News,Ugc News: सवर्णों को क्यों सता रहा डर? UGC कानून पर अगड़ी जातियों का क्या है तर्क, जानिए - upper castes protest all over india against university grants commission ugc regulations for scheduled caste and scheduled tribe - India News

Ugc News,Ugc News: सवर्णों को क्यों सता रहा डर? UGC कानून पर अगड़ी जातियों का क्या है तर्क, जानिए - upper castes protest all over india against university grants commission ugc regulations for scheduled caste and scheduled tribe - India News
नई दिल्ली:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी की UGC एक ऐसा कानून लेकर आया है, जो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सरकार का तर्क है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने और समानता को बढ़ावा देने के लिए ये कानून लाया गया है, लेकिन अगड़ी जातियों ने खुलकर इस कानून का विरोध शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और बिहार से लेकर राजस्थान तक सवर्ण समाज के लोग इस कानून के विरोध में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि आखिर ये UGC कानून है क्या और अगड़ी जातियों के लोग इसका विरोध क्यों कर रहे हैं।

आखिर क्या है ये UGC कानून

यूजीसी हायर एजुकेशन के संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए एक कानून लेकर आया है। इसे ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने का नियम, 2026’ नाम दिया है, जो 15 जनवरी 2026 से देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू हो चुका है। नए रेगुलेशन की सबसे अहम बात यह है कि अब अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल कर लिया गया है।

सवर्णों को क्या ऐतराज?


सवर्णों के खिलाफ इस नियम का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
अगड़ी जातियों के छात्रों-शिक्षकों को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है।
इसमें दुर्भावनापूर्ण की जाने वाली शिकायतों को रोकने का कोई उपाय नहीं है।
जनरल कैटेगरी के छात्रों के प्रतिनिधित्व के बिना कमेटियां एकतरफा काम कर सकती हैं।
ड्राफ्ट में झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के लिए जुर्माना या सस्पेंशन का प्रावधान था। इन प्रावधानों को अंतिम नियमों से हटा लिया गया।
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कौन से संगठन कर रहे विरोध

इस कानून का मुख्य रूप से ब्राह्मण संगठन, कायस्थ महासभा, वैश्य संगठन और करणी सेना कर रहे हैं। इन चारों ने मिलकर राजस्थान में सवर्ण समाज समन्वय समिति (S-4) नाम का संगठन बनाया है। उत्तर प्रदेश के विश्व हिंदू संगठन ने इस कानून को हिंदू समाज को बांटने की साजिश बताया है। इसके अलावा ये संगठन बीजेपी के सामान्य कैटेगिरी के नेताओं पर भी सवाल उठा रहे हैं कि वे इस कानून को लेकर चुप क्यों हैं।

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