Unnao Case:हाईकोर्ट से सेंगर को बड़ा झटका, पीड़िता के पिता की मौत मामले में जमानत याचिका खारिज - Delhi High Court Rejects Kuldeep Sengar Bail Plea

Unnao Case:हाईकोर्ट से सेंगर को बड़ा झटका, पीड़िता के पिता की मौत मामले में जमानत याचिका खारिज - Delhi High Court Rejects Kuldeep Sengar Bail Plea

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दिल्ली हाईकोर्ट से सोमवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका खारिज हो गई है। यह फैसला हाईकोर्ट की ओर से सुनाया गया है। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

सेंगर की अपील पर पीड़िता की दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
बीते दिनों उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की इस याचिका के माध्यम से पीड़िता ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा के खिलाफ दायर अपील में अतिरिक्त सामग्री पेश करने की मांग की है। पीड़िता का उद्देश्य अदालत में ऐसे तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत करना है जो हालिया घटनाक्रमों को दर्शाते हों। साथ ही, वह खुद और अपने परिवार को जान के खतरे की बात को भी अदालत के सामने रखना चाहती है। विज्ञापन विज्ञापन

यह याचिका कुलदीप सेंगर की उस अपील के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने दुष्कर्म के मामले में अपनी सजा को चुनौती दी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सेंगर ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी बताया कि मुकदमे के दौरान उसकी उम्र के बारे में जाली और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, जिनका अब अपील में भी सहारा लिया जा रहा है। अपनी याचिका में, पीड़िता ने उन्नाव के उसके स्कूल के दो अधिकारियों से उसकी जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य दर्ज कराने का निर्देश देने की भी मांग की है।

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पीड़िता की याचिका पर 25 फरवरी को सुनवाई

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने इस मामले का अवलोकन किया। पीठ ने पाया कि अपील पहले से ही अंतिम सुनवाई के चरण में है। अदालत ने पीड़िता की याचिका पर विचार करने के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है। इसके अतिरिक्त, पीठ ने पीड़िता के वकील से 31 जनवरी तक अपनी याचिका के साथ प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने को कहा है। सेंगर और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
 

सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से लग चुका है झटका

यह याचिका उच्च न्यायालय के 23 दिसंबर, 2025 के उस आदेश के बाद आई है, जिसमें सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया गया था। उस आदेश में यह भी कहा गया था कि वह पहले ही सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुका है। सजा के निलंबन का यह आदेश न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने दिया था। हालांकि, बाद में 29 दिसंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को स्थगित कर दिया था। सेंगर की सजा को उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में उसकी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपील के लंबित रहने तक निलंबित कर दिया था। उसने दुष्कर्म के मामले में दिसंबर 2019 के एक ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।

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