Up:चार साल पहले कई जिलों में बिछाया था जाल... कोरोना काल में ये प्रलोभन देकर फंसाया; धर्मांतरण की पूरी कहानी - Dharm Parivartan Laid Trap In Several Districts Four Years Ago During Covid-19 Lured People With Trapped
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धर्मांतरण का कुचक्र रचने की फिराक में घूम रहे शातिरों ने कोरोना महामारी को आपदा में अवसर के तौर पर प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, अकबरपुर के बाढ़ापुर स्थित एक स्कूल में ताला लटका देख शातिरों ने भवन का सौदा कर लिया। इसके बाद अक्तूबर 2021 में झांसी के कांतीलाल के नाम पर ट्रेनिंग सेंटर का संचालन शुरू हुआ।
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फिर जून 2024 तक शातिरों ने जनपद समेत प्रदेश के कई जिलों में लोगों की मदद कर धर्मांतरण का मकड़जाल फैला दिया। बताते चलें कि शनिवार को एसआईटी ने हरिओम त्यागी, डेनियल शरद सिंह व सावित्री शर्मा को धर्मांतरण के आरोप में बाढ़ापुर स्थित नवाकांति सोसाइटी से गिरफ्तार किया था।
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इन लोगों ने वर्ष 2015 में ही धर्मांतरण का खेल शुरू कर दिया था। धर्मांतरण के मामले में शनिवार को अकबरपुर थाने में निबौली निवासी रामभरोसे ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में रामभरोसे ने वर्ष 2015 के करीब नवाकांति संस्था में शामिल अकबरपुर के पातेपुर निवासी हरिओम त्यागी के संपर्क में आने की बात पुलिस को बताई थी।
वहीं, पुलिस की जांच में पता चला कि बाढ़ापुर में वर्ष 2011 में नित्या फाउंडेशन स्कूल का संचालन शुरू हुआ था। इसमें नर्सरी से कक्षा आठ तक का शिक्षण कार्य होता था। कोरोना काल में स्कूल बंद हो गया।
कांतिलाल ने जमीन का सौदा तय किया
वर्ष 2021 में झांसी के कांतिलाल ने जमीन का सौदा तय कर लिया। अक्तूबर में शुरू हुए नवाकांति वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर में नेहरू नगर अकबरपुर निवासी स्कूल की प्रधानाचार्य सावित्री शर्मा को प्रार्थना सभा के आयोजक के तौर पर जिम्मेदारी दी गई।
सूत्रों से अनुसार, नवाकांति सोसायटी के वोरबेल क्लब की ओर से जिले में रसूलाबाद, अकबरपुर, आलमचंदपुर, लालपुर, देवीपुर, भवानीपुर सहित करीब 50 स्थानों पर हैंडपंप लगवाए। इसके अलावा कानपुर नगर, घाटमपुर और इटावा सहित अन्य जिलों में भी हैंडपंप लगवाए गए।
एक हैंडपंप को लगाने में करीब 50,000 रुपये तक का खर्चा आता है। संस्था की ओर से इस बात का भी ध्यान रखा जाता था कि एक हैंडपंप से कितने लोगों को राहत मिलती है।
एसआईटी करेगी कन्नौज में धर्मांतरण मामले की जांच
कन्नौज के करसाह गांव में सामने आए धर्मांतरण मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी टीम में एसओजी प्रभारी, सर्विलांस प्रभारी और संबंधित थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
टीम को धर्मांतरण से जुड़े हर पहलू की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, विशेष रूप से फंडिंग और नेटवर्क की। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके तार कानपुर देहात से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी क्रम में, पुलिस ने कानपुर देहात स्थित नवाकांति सोसाइटी के प्रबंधक को तलब किया है। सोसाइटी के लेनदेन और आर्थिक गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है।
फंडिंग के स्रोतों और पैसों के लेन देन की जांच से पूरे नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। धर्मांतरण के इस मामले में पुलिस पहले ही गांव निवासी पन्नालाल, विद्या सागर और उमाकांत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। इन लोगों पर धर्मांतरण की गतिविधियों में संदिग्ध भूमिका का आरोप है।
सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। मंगलवार को प्रकरण से जुड़े सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।