Us Donald Trump Greenland Europe Nato,ग्रीनलैंड पर ट्रंप के हमले को रोकेगा या केंचुआ बना रहेगा यूरोप? खत्म हो जाएगा NATO! फ्रांस, UK, जर्मनी के पास रीढ़ की हड्डी है? - will europe protect greenland against us invasion or will it remain spineless against donald trump nato collapse - Rest of Europe News

Us Donald Trump Greenland Europe Nato,ग्रीनलैंड पर ट्रंप के हमले को रोकेगा या केंचुआ बना रहेगा यूरोप? खत्म हो जाएगा NATO! फ्रांस, UK, जर्मनी के पास रीढ़ की हड्डी है? - will europe protect greenland against us invasion or will it remain spineless against donald trump nato collapse - Rest of Europe News
वॉशिंगटन:

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में भारत के अलावा जिसे सबसे ज्यादा परेशान किया है वो यूरोप है। ट्रंप ने साबित किया है कि यूरोप को अमेरिका के आगे केंचुए की तरह है, जिसके पास रीढ़ की हड्डी नहीं है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अब ग्रीनलैंड को छीनने की धमकी दे रहे हैं और अगर अमेरिका ऐसा करता है तो ये यूरोप के कपड़े खोलने जैसा होगा। इसीलिए सवाल ये है कि क्या यूरोप, डोनाल्ड ट्रंप को अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाएगा और क्या ट्रंप के अहंकार को तोड़ने के लिए नाटो के खत्म हो जाने देगा? ग्रीनलैंड फिलहाल डेनमार्क के पास है और वो एक स्व-शासित क्षेत्र है और अगर अमेरिका, ग्रीनलैंड पर हमला करता है तो ये NATO का अंत होगा और इसके साथ ही यूक्रेन पर रूसी हमले का मकसद भी पूरा हो जाएगा।

मादुरो के अपहरण के ठीक अगले दिन ही ट्रंप ने कहा था कि "हमें ग्रीनलैंड की जरूरत है, बिल्कुल। हमें यह डिफेंस के लिए चाहिए।" वाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि "ट्रंप प्रशासन की शुरुआत से ही अमेरिकी सरकार का यह औपचारिक रुख रहा है... कि ग्रीनलैंड को यूनाइटेड स्टेट्स का हिस्सा होना चाहिए।" जबकि अटलांटिक काउंसिल, जो एक यूरोपीय थिंक टैंक है, उसकी नॉर्दर्न यूरोप की डायरेक्टर एना वीसलैंडर ने कहा कि "वेनेजुएला पर यह कदम ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के वेस्टर्न हेमिस्फीयर पर हावी होने के इरादे को दिखाता है, जिसका ग्रीनलैंड भौगोलिक रूप से एक हिस्सा है।"
JD and Usha Vanceग्रीनलैंड में अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी हमले का विरोध भी कर पाएगा यूरोप?
डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड छीनने के लिए हमला कर सकते हैं और इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है। इसीलिए सवाल ये है कि क्या यूरोप, अमेरिकी हमले का विरोध भी कर पाएगा या शुतुरमुर्ग की तरह गर्दन रेत में छिपाकर रखेगा? एना वीसलैंडर ने अलजजीरा की रिपोर्ट में कहा है कि "चूंकि वेनेजुएला में सफल दखल के तुरंत बाद, इस गोलार्ध में दूसरों के अलावा ग्रीनलैंड के खिलाफ भी बल प्रयोग की धमकियां दी गईं, इसलिए कम समय में इसकी संभावना (ग्रीनलैंड पर हमले) और बढ़ गई है।" दूसरी तरफ डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने 4 जनवरी को डेनमार्क में दिए गये एक इंटरव्यू में कहा कि "दुर्भाग्य से, मुझे लगता है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति कहते हैं कि वह ग्रीनलैंड चाहते हैं, तो उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।"उन्होंने भविष्यवाणी की कि यह नाटो गठबंधन के लिए मौत की घंटी होगी। फ्रेडरिकसेन ने कहा कि "अगर संयुक्त राज्य अमेरिका किसी दूसरे नाटो देश पर हमला करने का फैसला करता है, तो सब कुछ रुक जाएगा, इसमें नाटो और इसलिए दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सुरक्षा भी शामिल है।" वीसलैंडर ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि "अगर सबसे बुरा समय आता है और अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल करता है, तो आर्टिकल 5 और NATO के अंदर सामूहिक रक्षा का मतलब खत्म हो जाएगा।"

ग्रीनलैंड पर हमला क्यों होगा NATO का अंत?
शिकागो यूनिवर्सिटी के इतिहास के प्रोफेसर जॉन मियरशाइमर ने अलजजीरा की रिपोर्ट में कहा है कि "आप यह तर्क दे सकते हैं कि अगर यूक्रेन में जो हो रहा है, उसे ग्रीनलैंड पर संभावित हमले से जोड़ा जाए, तो इसका मतलब है कि ये असल में गठबंधन को बर्बाद कर देगा।" उन्होंने कहा कि "नाटो अपनी परछाई बनकर रह जाएगा। यह असल में बर्बाद हो जाएगा।" लेकिन हैरानी की बात ये है कि जब वाइट हाउस में यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन की सुरक्षा के लिए डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की तो उन्होंने ग्रीनलैंड और वेनेजुएला पर सार्वजनित तौर पर एक शब्द भी नहीं बोला। इसीलिए सवाल ये हैं कि यूरोप आखिर कब तक केंचुआ बनकर रहेगा?

View Original Source