Us:ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका से भिड़ने के मूड में यूरोप? व्यापार समझौते पर बातचीत रोकी; तेवर किए सख्त - Us Eu Trade Deal On Pause After Trump Threat To Impose Tariff On Europe Nations

Us:ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका से भिड़ने के मूड में यूरोप? व्यापार समझौते पर बातचीत रोकी; तेवर किए सख्त - Us Eu Trade Deal On Pause After Trump Threat To Impose Tariff On Europe Nations

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ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों में तनातनी बढ़ती जा रही है। बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसे लेकर यूरोपीय देशों ने कड़ी नाराजगी जताई है। अब यूरोप ने भी तेवर दिखाते हुए अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत रोक दी है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते पर जुलाई 2025 में बातचीत शुरू हुई थी।  और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

अमेरिका-यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता खटाई में यूरोपियन पीपल्स पार्टी के उपाध्यक्ष सीगफ्राइड मुरेसान ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, हमें पिछली जुलाई में शुरू हुए अमेरिका-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को जल्द पूरा करना था, जिससे अमेरिका से यूरोप आने वाले सामान पर टैरिफ घटकर शून्य प्रतिशत हो जाता। हालांकि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए, व्यापार समझौते को पूरा होने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।' विज्ञापन विज्ञापन मुरेसान ने आगे लिखा, 'अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते से स्थिरता ही एकमात्र फायदा होता। अब राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा आज कई यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा से वह स्थिरता भी खत्म हो गई है। इसलिए फिलहाल उस व्यापार समझौते पर बातचीत रोकना ही ठीक है।' अमेरिका और यूरोप के 27 देशों के बीच विभिन्न टैरिफ और व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी। हालांकि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका की धमकी और उस पर यूरोपीय देशों के अड़ियल रुख ने हालात को बिगाड़ दिया है। इस बीच जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड जैसे देशों ने ग्रीनलैंड में अपने सैन्य कर्मियों को तैनात किया है। हालांकि ये तैनाती अभी थोड़ी संख्या में है। अमेरिका की धमकी के बाद डेनमार्क ने भी ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है।  विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद नाटो के पतन का कारण बन सकती है।  ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देशों को ग्रीनलैंड के मुद्दे पर समर्थन न देने पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं किया तो रूस और चीन यहां कब्जा कर सकते हैं।

ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, '1 फरवरी 2026 से इन सभी देशों (डेनमार्क, नॉर्वे, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड और फिनलैंड) से अमेरिका आने वाले सभी सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। 1 जून 2026 से ये टैरिफ बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा। यह टैरिफ तब तक देय रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता।'

यूरोपीय आयोग की चेतावनी
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी कि इस तरह के टैरिफ ट्रांस-अटलांटिक संबंधों को कमजोर कर सकते हैं और एक खतरनाक आर्थिक गिरावट को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्तंभ हैं। ईयू ने इस मुद्दे पर रविवार को आपात बैठक बुलाने का भी एलान किया है, जिसमें अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ पर सामूहिक रणनीति पर चर्चा होगी। ट्रंप की धमकी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि यूरोप की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा। 


 

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