Uttar Pradesh News Story,कौन हैं 50 से ज्यादा एनकाउंटर करने वाले यूपी STF के डीके शाही, गणतंत्र दिवस पर मिलेगा वीरता पदक - dk shahi awarded gallantry medal for encountering notorious criminal pankaj yadav - Administration News

Uttar Pradesh News Story,कौन हैं 50 से ज्यादा एनकाउंटर करने वाले यूपी STF के डीके शाही, गणतंत्र दिवस पर मिलेगा वीरता पदक - dk shahi awarded gallantry medal for encountering notorious criminal pankaj yadav - Administration News
अभय सिंह राठौड़, लखनऊ:

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात धर्मेश कुमार शाही को भारत सरकार की ओर से वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिया जाएगा। धर्मेश कुमार शाही डीके शाही के नाम से भी जानते हैं और उन्होंने अपनी पहचान एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर बना रखी है। डीके शाही को एक लाख के इनामी पंकज यादव के एनकाउंटर के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। बता दें, डीके शाही ने अबतक 50 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। उन्हें पांचवी बार सम्मान मिलने जा रहा है।

दरअसल, 7 अगस्त 2024 को एसटीएफ की टीम ने एक लाख रुपये के इनामी पंकज यादव को मुठभेड़ में मार गिराया था। मथुरा के फरहा थानाक्षेत्र में एसटीएफ की मुठभेड़ में अपराधी पंकज यादव घायल हो गया था। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। इसके खिलाफ यूपी, बिहार के अगल-अलग जिलों में गंभीर धाराओं में करीब 39 मुकदमें दर्ज थे। बताया जा रहा है कि पंकज यादव माफिया मुख्तार अंसारी, शहाबुद्दीन और मुन्ना बजरंगी का शूटर रह चुका है। इसी एनकाउंटर के लिए डीके शाही को यह सम्मान दिया जा रहा है।डीके शाही के अलावा अपर पुलिस अधीक्षक राकेश, निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह और उप निरीक्षक यशवंत सिंह को भी पंकज यादव के एनकाउंटर के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस तरह एसटीएफ के 12 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं बात अगर डीके शाही की करे तो वो मौजूदा समय में एसटीएफ पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ के पद पर तैनात है। डीके शाही मूलरूप से देवरिया जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की है। साल 2001 में उनका चयन सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था। उनकी पहली तैनाती गोंडा जिले में रही थी।

पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही ने नौकरी के दौरान साल 2004 में एक लाख रुपये के इनामी अपराधी सुल्तान को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने खूब सुर्खियां बंटोरी थी। क्योंकि आरोपी सुल्तान दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार हो गया था। सुल्तान को पकड़ने के बाद से उनका एनकाउंटर का सिलसिला जारी है। डीके शाही आज के समय में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके नाम से बड़े-बड़े माफिया अपराधी खौंफ खाते हैं।

डीके शाही ने अबतक 50 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। हालांकि एनकाउंटर के चलते डीके शाही विवादों में भी रह चुके हैं। डीके शाही एक लाख रुपये के इनामी मंगेश यादव के एनकाउंटर को लेकर विवादों में छा गए थे। इस एनकाउंटर के बाद उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई थी। जिसमे वो चप्पल पहने हुए नजर आए थे। इसको लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाया था। डीके शाही को आउट ऑफ टर्म प्रमोशन के साथ ही वीरता के राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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