Varanasi News:मेयर और नगर आयुक्त ने घाटों की देखी व्यवस्था, जताई नाराजगी; हटाया जाएगा जीर्ण-शीर्ण काऊ कैचर - Mayor And Municipal Commissioner Inspected Arrangements At Ghats And Expressed Dissatisfaction
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Nagar Nigam Varanasi: काशी की वैश्विक गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए सोमवार को मेयर अशोक कुमार तिवारी एवं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने गोदौलिया से लेकर दशाश्वमेध और मान मंदिर घाट तक सघन दौरा किया।
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मेयर ने दशाश्वमेध घाट स्थित शेल्टर होम में यात्रियों से सीधे संवाद कर नगर निगम की सुविधाओं का फीडबैक लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतलहर के दौरान कोई भी बेसहारा खुले आसमान के नीचे न रहे। निरीक्षण के क्रम में नगर आयुक्त ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट एवं मान मंदिर के पास सुंदरीकरण पर विशेष जोर दिया।
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उन्होंने मुख्य अभियंता (सिविल) को निर्देशित किया कि यहां लगे पुराने और जीर्ण-शीर्ण काऊ कैचर को तत्काल हटाकर स्टोन वर्क (चौका) बिछाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। साथ ही, घाटों पर स्थित सफाई एवं सामान्य विभाग की चौकियों के टीन शेड को आकर्षक बनाने के लिए उन पर थीम पेंटिंग करवाई जाए, ताकि पर्यटकों के बीच काशी की उत्कृष्ट छवि प्रदर्शित हो सके।
नगर आयुक्त ने जताई नाराजगी
शौचालयों और डस्टबिन की स्वच्छता के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए नगर आयुक्त ने दशाश्वमेध घाट पर सुलभ शौचालय परिसर का निरीक्षण किया। वहां गंदगी और यूरिनल पाइप के क्षतिग्रस्त मिलने पर उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रबंधक (सुलभ) के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने दो टूक कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों मिलने से घोर उदासीनता झलकती है। यदि तत्काल स्वच्छता सुनिश्चित नहीं की गई और उपकरणों को ठीक नहीं कराया गया, तो कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही, मार्ग में लगे गंदे टू-इन-वन डस्टबिन को नियमित साफ रखने के निर्देश भी दिए।
नगर आयुक्त की चेतावनी, मार्ग में न घूमे पशु
मार्गों पर पशुओं के विचरण की समस्या को लेकर नगर आयुक्त ने पशु चिकित्साधिकारी को विशेष निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वीआईपी मार्ग होने के बावजूद घाटों पर पशुओं का घूमना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अभियान चलाकर मार्ग को पशु-मुक्त करने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि कार्यों में शिथिलता बरतने पर संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे। इसके अतिरिक्त, जल निगम पंपिंग स्टेशन और रेलिंग के पास पड़े डंप (स्क्रैप) को नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं मुख्य अभियंता (सिविल) के समन्वय से तत्काल हटाने का निर्देश दिया ताकि घाटों की सुंदरता प्रभावित न हो।