Weather:प्रदेश में सबसे ठंडा बरेली... न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा; शीतलहर से कांपे लोग - Bareilly Coldest City In Uttar Pradesh With The Minimum Temperature Dropping To 3.8 Degrees Celsius

Weather:प्रदेश में सबसे ठंडा बरेली... न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा; शीतलहर से कांपे लोग - Bareilly Coldest City In Uttar Pradesh With The Minimum Temperature Dropping To 3.8 Degrees Celsius

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बरेली में दो दिन धूप निकलने के बाद मौसम ने फिर पलटी मारी। सोमवार को सुबह कोहरा छाया रहा। सुबह 11 बजे के बाद धूप निकली तो लोगों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि शीतलहर से चलने ठिठुरन और गलन बरकरार है। रविवार की रात प्रदेश में बरेली जिला सबसे ज्यादा ठंडा रहा। न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। 

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बरेली में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। यह इस सीजन में सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग ने सोमवार को टॉप पांच जिलों का सूची जारी की, जिसमें बरेली पहले नंबर पर है। इसके बाद क्रमश: मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मेरठ और आगरा हैं। मौसम विभाग ने शीतलहर और कोहरे का अलर्ट जारी किया है।  विज्ञापन विज्ञापन

बीते 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान  जिला  न्यूनतम तापमान  बरेली  3.8 डिग्री सेल्सियस  मुजफ्फरनगर 3.9 डिग्री सेल्सियस  अलीगढ़ 4.4 डिग्री सेल्सियस  मेरठ  4.5 डिग्री सेल्सियस  आगरा  4.9 डिग्री सेल्सियस 

सुबह छाया रहा कोहरा 
तीन दिन से निकल रही चटक धूप का आनंद ले रहे लोगों को सोमवार की सुबह कोहरे का सामना करना पड़ा। रविवार सुबह सर्द हवा के साथ तेज धूप निकली। दिनभर लोगों ने गुनगुनी धूप का आनंद लिया और शीतलहर ने कंपकंपी का अहसास कराया। अधिकतम पारा 1.3 डिग्री लुढ़ककर सामान्य से एक डिग्री अधिक 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम को फिर सर्द हवा का सितम शुरू हुआ। शीतलहर चलने से रात के तापमान में गिरावट हुई। तापमान चार डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया।   

मंगलवार को भी कोहरा छाने का अनुमान 
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हवा का प्रवेश शहर में होने पर ठिठुरन बढ़ी है। साथ ही, बादल भी मंडराने के आसार बन रहे हैं। इससे मंगलवार को सुबह-शाम कोहरा छाने का अनुमान है। इससे ठंड का ग्राफ बढ़ेगा। पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों की हवा के प्रवेश से लोगों को शीतलहर का सितम सहना पड़ सकता है।

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