West Bengal:पश्चिम बंगाल में दो लोगों की मौत, परिजनों का आरोप- एसआईआर की प्रक्रिया की वजह गई जान - Deaths 'linked To Sir Anxiety' Reported In Bengal: Officials
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पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में सोमवार को दो लोगों की मौत हो गई। दोनों के परिवारों का दावा है कि जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास से जुड़ी चिंता और तनाव के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
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राज्य के उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज में एक व्यक्ति बाजार में अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई, जबकि दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट में एक बुजुर्ग महिला की आघात के बाद मौत हो गई। मृतक व्यक्ति को हाल ही में एसआईआर सुनवाई का नोटिस मिला था, जबकि बुजुर्ग महिला ने पिछले हफ्ते इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।
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सड़क पर अचानक गिर पड़े लक्ष्मीकांत राय
पुलिस पुलिस ने बताया, कलियागंज में 50 वर्ष से अधिक उम्र के दिहाड़ी मजदूर लक्ष्मीकांत राय की सोमवार दोपहर भीड़भाड़ वाले धनकैली बाजार में अचानक गिरने से मौत हो गई। बोचाडांगा चांडोल गांव के रहने वाले लक्ष्मीकांत राय को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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परिजनों का आरोप है कि एसआईआर की सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद से लक्ष्मीकांत राय गहरे मानसिक तनाव में थे। उन्हें डर था कि 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण उनका वोट देने का अधिकार खत्म हो सकता है। उन्हें 19 जनवरी को प्रखंड विकास अधिकारी के सामने पेश होना था। उनके बेटे हीरू राय ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद से उन्होंने खाना-पीना और काम पर जाना बंद कर दिया था।
टीएमसी ने चुनाव आयोग को ठहराया जिम्मेदार
तृणमूल कांग्रेस नेता निताई वैश्य ने इस घटना के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया, जबकि भाजपा के युवा नेता गौरांग दास ने इस आरोप को राजनीतिक बताते हुए खारिज कर दिया। पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दूसरी घटना कहां हुई और परिजनों ने क्या कहा?
दूसरी घटना बडुरिया इलाके की है, जहां अनीता बिस्वास की मस्तिष्क आघात से मौत हो गई। उनके परिवार ने कहा कि एसआईआर सुनवाई के बाद उनकी चिंता बढ़ गई थी। अनीता बिस्वास के बेटे काशीनाथ बिस्वास ने बताया कि उनकी मां का नाम 1995 की मतदाता सूची में था, लेकिन 2002 की सूची में नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पांच जनवरी को वे सुनवाई में शामिल हुए थे और दस्तावेज जमा किए थे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट भरोसा नहीं दिया गया। काशीनाथ बिस्वास के मुताबिक, सात जनवरी को उनकी मां को मस्तिष्क आघात आया, जिसके बाद उन्हें बसीरहाट जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार देर रात उनकी मौत हो गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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सीएम ममता ने सीईसी को पत्र में क्या लिखा?
अधिकारियों ने कहा कि दोनों मामलों की जांच जारी है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अब तक 77 लोगों की मौत हो चुकी है, चार लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की है और 17 लोग बीमार पड़े हैं। उन्होंने इन घटनाओं के लिए डर, दबाव और बिना योजना के कराए जा रहे अभ्यास को जिम्मेदार ठहराया। उधर, सोमवार को कुछ बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने कोलकाता में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि काम के दबाव के कारण उनके कई साथी कर्मचारियों की मौत हो गई है।