कौन बनेगा मुंबई का मेयर, पहले लॉटरी से तय होगी कैटिगरी, फिर शिंदे-फडणवीस करेंगे आखिरी फैसला - who will become mumbai's mayor first category will be decided by lottery and then shinde and fadnavis will make final decision
मुंबई:
बीएमसी चुनाव में महायुति की जीत के बाद अब मेयर पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना में खींचतान चल रही है। एकनाथ शिंदे ने अपने नव निर्वाचित 29 कॉरपोरेटरों को ताज होटल में रखा है। बीजेपी भी पहली बार बीएमसी में मेयर बनाने के लिए लिस्ट बना रही है। मेयर कौन बनेगा, इसका फैसला सिर्फ एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस नहीं करेंगे। मेयर चुनाव से पहले एक लॉटरी निकाली जाएगी, जिसमें यह तय होगा कि मुंबई का प्रथम नागरिक कोई एससी/एसटी बनेगा या ओबीसी। महिला होगी या पुरुष को गद्दी मिलेगी। अगर लॉटरी में यह ओपन कैटिगरी का होगा, तो महायुति के 118 पार्षदों में से किसी का भाग्य खुल सकता है।
22 जनवरी को निकलेगा लॉटरी
मुंबई मेयर पद पर बीजेपी, शिवसेना (शिंदे) और शिवसेना (यूबीटी) की नजरें टिकी हैं। बीजेपी और शिवसेना के बीच बातचीत भी अधर में लटकी है। सीएम देवेंद्र फडणवीस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने के लिए दावोस चले गए। 24 जनवरी को जब वह लौटेंगे तो नए समीकरणों के साथ बात होगी। मगर जब वह लौटेंगे तो महायुति के पास फैसले के लिए 5-6 दिन का ही समय होगा। सूत्रों के मुताबिक, मेयर पद के लिए लॉटरी 22 जनवरी को होगी। लॉटरी से कैटिगरी तय होने के बाद इसकी सूचना जारी कर दी जाएगी। नियम के मुताबिक, सूचना मिलने पर जीतने वाली पार्टी या गठबंधन को सात दिनों के भीतर फैसला कर बीएमसी को नोटिस देना होता है। अगर 22 जनवरी को लॉटरी का नोटिस जारी होता है, तो मेयर का चुनाव 29 या 30 जनवरी तक करना होगा। अगर 23 जनवरी को सूचना जारी होने पर 30 या 31 जनवरी तक अंतिम निर्णय लेना होगा।
चुनाव में मेयर पद भी रहा था मुद्दा
बीएमसी चुनाव में 89 सीटों के साथ बीजेपी नंबर वन पार्टी बनी है। दूसरे नंबर पर महायुति में शामिल एकनाथ शिंदे की शिवसेना है, जिसे 29 सीटें मिली हैं। शिवसेना (यूबीटी) को 65 और मनसे को 6 सीटों पर जीत मिली है। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को 8, अजित पवार की एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और एनसीपी-एसपी को सिर्फ एक सीट मिली है। यूबीटी सांसद संजय राउत ने एक बयान में कहा कि ईश्वर की इच्छा रही तो मेयर यूबीटी का होगा। इस पर चुटकी लेते हुए दाओस में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राउत ईश्वर की बात कर रहे हैं या उनकी, क्योंकि उन्हें देवाभाऊ भी कहा जाता है। मुंबई का मेयर पद चुनावी मुद्दा भी रहा है। यूबीटी ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह गैर मराठी को महापौर बनाना चाहती है। तब खुद सीएम ने साफ किया था कि मेयर मराठी होगा और हिंदू भी होगा।