नया वर्ल्ड आर्डर बनाने को बेताब क्यों ट्रंप:क्या फिर मंडराया विश्वयुद्ध का खतरा? मिगा-मागा पर दुनिया की नजर - Why Is Trump So Eager To Create A New World Order Has Threat Of A World War Resurfaced
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26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को 11 जनवरी को फांसी की सजा सुनाई गई थी। ईरान सुल्तानी को फांसी दे सकता है। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को जल्द अपनी मदद पहुंचने का भरोसा दिया है। ट्रंप तेहरान को धमका रहे हैं और बदले में रूस ने अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने के लिए चेतावनी दी है। क्या फिर विश्व युद्ध का खतरा मंडराया है?
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भारत ने भी ईरान में अमेरिका के सैन्य हमले का खतरा महसूस किया है। अपने नागरिकों को बिना समय गंवाए ईरान से सुरक्षित निकलने की सलाह दी है। अमेरिका में भी इसको लेकर हलचल तेज है। कतर के अमेरिकी सैन्य बेस पर खतरे को देखते हुए एहतियात बरता जा रहा है। सैन्य तैनाती में बड़ी कटौती हो रही है। दूसरी तरफ इस्राइल ने भी जून 2024 के बाद नए तेवर में बोलना शुरू कर दिया है।
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‘मिग’ और ‘मागा’ कौन सा रंग बदलेगा?
ईरान में एक नारा गूंज रहा है, 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' (मिगा), अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी आवाज दी है,‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’। दोनों नारे अमेरिका से लेकर ईरान तक अपना रंग लेने की लड़ाई लड़ रहे ने एक हैं। ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के प्रदर्शनकारियों की हौसला आफजाई करते हुए कहा कि वह अपने विरोध प्रदर्शन को बहादुरी के साथ जारी रखें। ट्रंप ने आगे कहा कि, जो लोग प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं और गालियां दे रहे हैं, उनका नाम नोट कर लें। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों से सभी बैठकें प्रदर्शनकारियों की मौत का सिलसिला रुकने तक रोक दी हैं। ट्रंप ने कहा कि मदद पहुंच रही है और रास्ते में है।
हालांकि रूस, चीन दोनों देश ईरान के पुराने रंग के साथ हैं। रूस ने अमेरिका के राष्ट्रपति की मदद पहुंचने की टिप्पणी पर बहुत तल्ख प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को इसके बाबत गंभीर परिणाम के लिए चेताया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने वाशिंगटन को ‘वर्ल्ड आर्डर’ इस तरह से छेड़ने, बदलने की कोशिश के प्रति आगाह किया है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति की ‘मदद’ का अर्थ क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने वाली मदद के बारे में कुछ साफ नहीं किया है। इसका केवल सैन्य कार्रवाई के रूप में अमेरिकी कार्रवाई का अंदाजा लगाया जा रहा है। कतर के अल-उदीद अमेरिकी सैन्य अड्डे से सैन्य बलों में कटौती को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि जवाब में ईरान के नजदीक होने के कारण कतर के अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तेहरान कड़ी जवाबदेही तय कर सकता है। मिडिल ईस्ट (मध्य एशिया) में 19 स्थानों पर अमेरिकी सैन्य बल मौजूद हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमला होने पर वहां, गलियों, सड़कों पर नीरीह लोग मारे जाएंगे। अमेरिका के लिए यह चिंता का विषय है। अमेरिकी सैन्य बलों के कमांडर इन चीफ वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप हैं। माना जा रहा है कि सैन्य अधिकारियों, सामरिक विशेषज्ञों ने भी राष्ट्रपति से इसकी आशंका जाहिर की है। फिर भी ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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भारत के सामरिक और रणनीतिक जानकार ईरान में बदल रहे हालात पर नजर गड़ाए हैं। पूर्व एयर वाइस मार्शल एनबी सिंह कहते हैं कि ईरान में रूस ने अपनी वायु प्रतिरक्षा प्रणाली समेत तमाम कवच तैनात कर रखा है। एनबी सिंह का रूस में अच्छा कनेक्ट है। बताते हैं कि रूस के अलावा वेनेजुएला के बाद ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई चीन को बहुत बड़ा झटका दे सकती है। इसके बाद दुनिया का शक्ति संतुलन एक नए मोड़ पर चला जाएगा। दूसरी तरफ इस्लामिक मिलिशिया भी बहुत चौकन्नी है। इसलिए ईरान के समर्थन में रूस के खुलकर उतरने की संभावना अथवा चीन के समर्थन, सहायता देने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एनबी सिंह कहते हैं कि फिलहाल स्थिति बहुत नाजुक मोड़ पर है।
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