सर्दी का कहर:कांगड़ी और हीटर की बढ़ी बिक्री, गिरते पारे के बीच जमे जलस्रोत, सुबह-शाम आवागमन हुआ मुश्किल - With Temperatures Dropping, Water Sources Froze, Making Travel Difficult In The Mornings And Evenings.
विस्तार Follow Us
कश्मीर संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही। पारा गिरने के साथ दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जल स्रोत जमने लगे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सुबह और शाम के समय आवागमन पर असर पड़ा है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
शोपियां जिले में रात का पारा 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे बाहर की गतिविधियों में कमी आई है। ठंड से खेतीबाड़ी भी प्रभावित हुई है। सेब उत्पादकों का कहना है कि वे मौसम पर नजर रख रहे हैं क्योंकि बागवानी शोपियां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शोपियां में जलस्रोत जमने लगे हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ पशु-पक्षियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। - फोटो : अमर उजाला
बाजारों में दुकानें देर से खुलने के चलते आवाजाही कम रही। ठंड से जिले में हीटिंग उपकरणों, लकड़ी और गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। लोगों को पारंपरिक कांगड़ी का इस्तेमाल करते भी देखा गया। खासकर बुजुर्ग को। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह का तापमान इस समय सामान्य है।

श्रीनगर में डल झील जमने के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। पानी की जमी परत को देखता युवक। - फोटो : अमर उजाला
मुगलरोड पर पांचवें दिन भी यातायात रहा बंद, कश्मीर जाने वाले परेशान
मुगलरोड पर पांचवें दिन यातायात बंद रहा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) बर्फ हटाने का काम कर रहा है। मशीनों की मदद से छत्तापानी से पीर की गली तक बर्फ हटा दी गई है।

श्रीनगर में डल झील जमने के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। पानी की जमी परत को देखता युवक। - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों का कहना है कि पाला (ओस) और फिसलन के कारण बर्फ हटाने में बाधा आ रही है। पुंछ व राजोरी के लोगों विशेषकर कश्मीर के अस्पतालों में उपचार कराने जाने वाले परेशान हैं।

श्रीनगर में डल झील जमने के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। पानी की जमी परत को देखता युवक। - फोटो : अमर उजाला
मौसम साफ रहने से वैष्णो देवी मार्ग पर रौनक, उत्साह से आगे बढ़ रहे श्रद्धालु
धर्मनगरी में शुक्रवार को दिनभर मौसम साफ बना रहा। इससे मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए हाथों में झंडे लेकर भवन की ओर प्रस्थान करते रहे। मौसम अनुकूल रहने के कारण यात्रा मार्ग पर रौनक बनी रही और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ अपनी यात्रा पूरी की।

श्रीनगर में डल झील जमने के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। - फोटो : अमर उजाला
श्राइन बोर्ड प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुचारू रूप से जारी रहे। यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क रहीं और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से चलती रही।
शाम 5:00 बजे तक लगभग 14,500 श्रद्धालु आरएफआईडी कार्ड प्राप्त कर भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह सेवा संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं को चाय जलपान और अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। मौसम खुला रहने और सुविधाएं बेहतर होने के चलते श्रद्धालुओं ने प्रशासन व श्राइन बोर्ड के प्रबंधों की सराहना की। सुबह शाम ठंडी हवाओं का दौर जारी रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि अनुकूल मौसम और व्यवस्थित इंतजाम के कारण यात्रा सहज और सुखद रही। दिनभर मां के जयकारों से पूरा कटड़ा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।